राजनांदगांव/डोंगरगढ़। सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में डोंगरगढ़ स्थित प्रज्ञागिरी में संत शिरोमणि रविदास की 649वीं जयंती प्रदेश स्तरीय समारोह के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए संत-महंत, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा से हुई। शोभायात्रा गोल बाजार, रेलवे चौक, जय स्तंभ होते हुए प्रज्ञागिरी पहुंची। मार्ग में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शोभायात्रा का स्वागत किया। प्रज्ञागिरी पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित रहे। काशी से आए भारत भूषण दास, मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल, शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री नामदेव कदम सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में संत रविदास के समता, करुणा और सामाजिक न्याय के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न” और “मन चंगा तो कठौती में गंगा” जैसे वचनों के साथ सामाजिक समरसता का संदेश गूंजता रहा।
समारोह में मुंगेली के साहित्यकार कुमार कारुणिक द्वारा रचित ‘संत शिरोमणि रविदास चालीसा’ का विमोचन भी किया गया। सांस्कृतिक प्रभारी दुखुदास हठिले एवं साथियों ने रविदास की अमृत वाणी की संगीतमय प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान भजन प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, प्रदेश कोषाध्यक्ष नरेंद्र लाल चंचल और नंदुराम राडेकर ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन अशोक लाल कुर्रे और बी.बी. राम ने किया।
समारोह में विभिन्न जिलों से आए समाज प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही। आयोजन ने संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।


