रोड से लगी करोड़ों की शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया
महासमुंद। जिले के समीपस्थ ग्राम बेलसोंडा में करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को ग्राम पंचायत ने प्रशासनिक अमले और पुलिस बल की मौजूदगी में हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बेलसोंडा की शासकीय भूमि खसरा नंबर 1661, 1651 एवं 1654 पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। पंचायत के प्रस्ताव और राजस्व विभाग की जांच उपरांत पटवारी, आरआई, पंचायत पदाधिकारीगण तथा ग्रामवासियों की उपस्थिति में जेसीबी मशीन के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान पूर्व सरपंच भामिनी चंद्राकर एवं उनके पति पोखन चंद्राकर पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जेसीबी के सामने खड़े होकर कार्य रोकने का प्रयास किया गया तथा धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बनी। पुलिस बल के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई पूर्ण कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि सड़क से लगी होने के कारण उसका बाजार मूल्य करोड़ों में आंका जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे सार्वजनिक उपयोग की भूमि बताते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाना आवश्यक था।
ग्रामवासियों के बीच यह चर्चा भी रही कि अवैध कब्जों के विरुद्ध सार्वजनिक मंचों पर आवाज उठाने वाले लोगों के विरुद्ध ही कार्रवाई होना विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है। हालांकि पूरे मामले में संबंधित पक्ष की ओर से भी अपनी दलीलें रखे जाने की संभावना जताई जा रही है। पंचायत एवं राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।


