महासमुंद। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही ‘छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ अपने 16वें दिन सैकड़ों गांवों और नगर पंचायतों का भ्रमण करते हुए महासमुंद जिले के औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी पहुँची। यात्रा के आगमन पर ग्रामीणों और महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से आरती उतारकर स्वागत किया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।
यात्रा अछोली, अछोला, बेलटुकरी, अमावश, गोपालपुर, कापा और अक्षरीडीह सहित विभिन्न गांवों से होते हुए बिरकोनी पहुँची। गांव-गांव में किसान, युवा और महिलाओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। महिलाओं ने थाल सजाकर रथ की आरती उतारी और अस्मिता यात्रा के समर्थन में नारे लगाए।
यात्रा के दौरान ‘छत्तीसगढ़ी महतारी की जय’, ‘सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज जिंदाबाद’, ‘छत्तीसगढ़ के शोषकों छत्तीसगढ़ छोड़ दो’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। वक्ताओं ने अवैध खनन, औद्योगिक प्रदूषण, आदिवासियों एवं शासकीय भूमि पर बाहरी कंपनियों के कब्जे के मुद्दे उठाते हुए आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
सभा को राज्य निर्माण संग्राम सेनानी लाला राम वर्मा, छन्नू साहू, अशोक कश्यप, नंद कुमार साहू, रूप सिंह निषाद, बृज बिहारी साहू, बलराम साहू, राधाबाई सिन्हा, श्यामाबाई ध्रुव, धनेश्वरी यादव और टुकेश्वरी ध्रुव ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति और अस्मिता के सम्मान के लिए यह यात्रा जनजागरण का माध्यम बन रही है।
आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी पहचान की रक्षा, किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और बाहरी शोषण के खिलाफ जनमत तैयार करना है। आने वाले दिनों में यात्रा अन्य गांवों में भी पहुंचेगी और सभाएं आयोजित की जाएंगी।


