महासमुंद। नगर पालिका परिषद महासमुंद के अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। इस दौरान जहां उन्होंने विकास, पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था को अपनी प्राथमिक उपलब्धि बताया, वहीं उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर तीखा पलटवार भी किया।
पत्रकार वार्ता में महासमुंद टाइम्स द्वारा उठाए गए सवाल पर अध्यक्ष साहू ने स्पष्ट कहा कि पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी द्वारा लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप “सस्ती लोकप्रियता” हासिल करने का प्रयास हैं और पूरी तरह तथ्यहीन हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि पालिका में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है और सभी कार्य पारदर्शिता के साथ किए गए हैं।
इस दौरान प्रस्तुत रिपोर्ट कार्ड में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, जिसमें पिछले वर्षों में डीजल खर्च को लेकर बड़ा अंतर दिखाई दिया। वर्ष 2021-22 में जहां 72.34 लाख रुपए, 2022-23 में 76.38 लाख रुपए, 2023-24 में 79.32 लाख रुपए और 2024-25 में 62.97 लाख रुपए डीजल पर खर्च किए गए, वहीं वर्तमान कार्यकाल 2025-26 में यह खर्च घटकर 29.33 लाख रुपए रह गया है।
इस पर उठे सवालों के जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि वे पूर्व के कार्यकाल पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन वर्तमान परिषद ने पारदर्शिता और सुनियोजित व्यवस्था के माध्यम से खर्च में नियंत्रण किया है, जो जनता के पैसे की सुरक्षा का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां 16 वाहन संचालित थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इसके बावजूद डीजल खर्च में कमी आई है, जो बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है। परिषद द्वारा एक नई जेसीबी मशीन खरीदी गई है और अब कुल 4 जेसीबी कार्यरत हैं। वहीं 9 में से पहले केवल 4 टिपर ही चल रहे थे, जिन्हें अब पूर्ण रूप से संचालित किया जा रहा है।
साथ ही 14 जर्जर टैंकरों की मरम्मत कर उन्हें चालू किया गया, जिससे टैंकरों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। इन प्रयासों से शहर की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आया है। निजी टैंकरों को पानी देने के आरोपों को भी अध्यक्ष ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज हैं और बिना दस्तावेज के आरोप लगाना उचित नहीं है।
अध्यक्ष साहू ने बताया कि पालिका डिजिटल दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अब मकान टैक्स और नल टैक्स का भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है। इसके अलावा अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने का अभियान चलाकर 300 से अधिक कनेक्शन नियमित किए गए हैं।
जल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए फिल्टर प्लांट में अतिरिक्त मोटर पंप लगाए गए हैं, जिससे किसी एक पंप के खराब होने पर भी पानी की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने अपने कार्यकाल को जनसेवा, पारदर्शिता और विकास के नए आयाम स्थापित करने वाला बताते हुए कहा कि महासमुंद नगर पालिका आज नवाचार और कार्यशैली के कारण पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रही है। इस अवसर पर सभापति एवं पार्षदगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


