महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी, बिलिंग के मामले में महासमुंद पुलिस ने ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए 95 लाख रुपये नकद और जप्त किए हैं। इसके साथ ही इस मामले में अब तक जप्त नकदी बढ़कर 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये हो गई है।
पुलिस के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर 9 जुलाई 2026 को थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया। आरोप है कि 23 हजार 350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना कर उसे असली बताकर उपयोग किया गया। प्रकरण में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की संबंधित धाराओं में विवेचना की जा रही है।
इसी गिरोह के आरोपी मनीष अग्रवाल और संजय छापरिया से जुड़े एक अन्य मामले में, खैर लकड़ी के कारोबार की प्रतिस्पर्धा के चलते सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। थाना सिंघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 87/2026 में फरार चल रहे संजय छापरिया को पुलिस टीम ने 18 अक्टूबर को हरिद्वार (उत्तराखंड) से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे महासमुंद लाया गया। पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ और मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के बरगढ़ में दबिश दी। यहाँ आरोपी के आवास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपी ने अपने सहयोगी और टैक्स कंसल्टेंट के पास 15 लाख रुपये रखवाए थे, जिन्हें 22 अक्टूबर को जप्त किया गया। इस तरह बरगढ़ से कुल 60 लाख रुपये मिले।
विवेचना के दौरान हिमाचल प्रदेश में उन ठिकानों पर भी लगातार दबिश दी गई, जो आरोपियों को अवैध खैर लकड़ी खपाने में सहायता करते थे। पूर्व में वहाँ से 1 करोड़ 70 लाख रुपये जप्त किए जा चुके हैं, जबकि ताज़ा कार्यवाही में एक अन्य स्थान से 35 लाख रुपये नकद और बरामद हुए। पुलिस ने अब तक ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के ठिकानों से कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जप्त की है। प्रकरण में 9 वाहन भी जप्त किए गए हैं, जिनमें 4 ट्रक, 1 डम्फर, 1 पिकअप तथा 3 कारें (हुंडई क्रेटा, महिंद्रा एक्सयूवी 500 और डस्टर) शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये है।
पुलिस के अनुसार जप्त नकदी अपराध से अर्जित की गई है। इसकी कुर्की और आरोपियों को आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत कार्यवाही की जा रही है। मामले में महासमुंद पुलिस की विवेचना जारी है।


