Tuesday, 18 Aug 2026

तुमगांव के करणी कृपा पावर प्लांट में फिर हादसा? दो श्रमिक घायल, पुलिस को नहीं दी गई सूचना 

महासमुंद। तुमगांव क्षेत्र के कौंवाझर स्थित करणी कृपा पावर प्लांट में सोमवार शाम करीब 5 बजे एक गंभीर औद्योगिक हादसा होने की सूचना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। घायलों में धरसीवां निवासी नवल वर्मा और अकलतरा निवासी ज्योतिष सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक घायल की आंख में गंभीर चोट आई है और दोनों को उपचार के लिए रायपुर के समता कॉलोनी स्थित अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के करीब 24 घंटे बाद सामने आई घायल की तस्वीर

घटना के लगभग 24 घंटे बाद घायल व्यक्ति की तस्वीर सामने आने के बाद मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना की जानकारी स्थानीय तुमगांव पुलिस को तत्काल क्यों नहीं दी गई? आरोप है कि घटना को दबाने अथवा मामले को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया गया।

पुलिस को सूचना नहीं, प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

बताया जा रहा है कि घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए रायपुर ले जाया गया, लेकिन स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी गई। यदि यह तथ्य सही है तो यह न केवल घटना की गंभीरता को बढ़ाता है, बल्कि प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।

करणी कृपा प्लांट में पहले भी उठ चुके हैं गंभीर सवाल

करणी कृपा पावर प्लांट में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी गंभीर घटना को लेकर सवाल उठे हों। पूर्व में भी प्लांट में हुई मौतों और घटनाओं को लेकर मामले सामने आए थे। उस समय महासमुंद टाइम्स न्यूज की खबर के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तुमगांव थाने में मामला दर्ज कराया गया था। वहीं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान प्लांट प्रबंधन की कथित लापरवाही के बिंदु भी सामने आए थे।

अब फिर वही सवाल—सुरक्षा मानकों की निगरानी कौन करेगा?

ताजा घटना ने एक बार फिर करणी कृपा पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आखिर औद्योगिक संयंत्र में हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि घटना में दो लोग घायल हुए हैं तो घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई? इन सभी सवालों का जवाब प्लांट प्रबंधन और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना की आधिकारिक पुष्टि और घायलों की स्थिति को लेकर पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के साथ जिम्मेदारी भी तय हो सके।

 

 

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!