बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में निर्भीक पत्रकारिता को दबाने की गंभीर कोशिश सामने आई है। जयरामनगर निवासी पत्रकार दंपत्ति डी.पी. गोस्वामी (दैनिक नया इंडिया, न्यू इंडिया टाइम्स और राष्ट्रीय हिंदी पोर्टल के ब्यूरो चीफ) एवं उनकी पत्नी दिव्या पुरी गोस्वामी को कोयला साइडिंग, वॉशरी और डिपो से जुड़े खुलासों के कारण जान से मारने की धमकी मिली है।
आरोपियों की पहचान संजय पांडेय तथा उसके भांजों विकास तिवारी और अनुराग तिवारी (सभी जयरामनगर निवासी) के रूप में हुई है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर अश्लील गाली-गलौच की, घर के सामने आकर हथियार दिखाए और हत्या की साजिश रची। दिवाली के दौरान (17-19 अक्टूबर 2025) आरोपियों ने घर के सामने खुलेआम धमकी दी कि “तुम्हारा हाल बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर जैसा करेंगे” – जिनकी जनवरी 2025 में निर्मम हत्या हुई थी।
मस्तूरी थाने में दो प्रकरण दर्ज हुए हैं: अपराध क्रमांक 548/2025 (28 मई 2025)- अपराध क्रमांक 415/2025 (26 जून 2025)
इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 और 35 लगाई गई हैं, जो जमानतीय हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जानलेवा धमकियां, हथियार प्रदर्शन और साजिश जैसे गंभीर कृत्यों के बावजूद गैर-जमानतीय धाराएं नहीं जोड़ी गईं, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हैं।
पत्रकार दंपत्ति के पास ऑडियो-वीडियो सहित ठोस सबूत मौजूद हैं। वे भय के साए में जी रहे हैं और समझौता के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिलासपुर एसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
दंपत्ति ने गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी बिलासपुर और एसपी को शिकायत देकर कड़ी कार्रवाई, गैर-जमानतीय धाराएं जोड़ने और सुरक्षा की मांग की है। यह घटना पत्रकार सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता पर बड़ा सवाल उठाती है। समय पर सख्त कार्रवाई न हुई तो निर्भीक पत्रकारिता को गहरा आघात लग सकता है।


