महासमुंद। ग्राम पंचायत चीरको के सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन पहुँचे और कोटवार दूधनाथ को तत्काल हटाने की मांग जोर-शोर से उठाई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निलंबित कोटवार ने ग्राम के सरकारी रंगमंच पर अवैध कब्जा कर रखा है और पिछले 10 वर्षों से उसके व्यवहार से पूरा गांव त्रस्त है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों का कहना है कि जब लगातार मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की जा रही है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई कोटवार के खिलाफ नहीं की गई है। नवरात्र का समय आ गया है ग्राम के जिस रंगमंच में दुर्गा बैठाया जाता है वहां कोटवार ने दबंगई करते हुए रंगमंच पर कब्जा कर रखा है। सार्वजनिक स्थानों को भी कोटवार ने कब्जा कर रखा है शिकायत के बात अगर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों का गुस्सा लाजमी है। मजबूरी में हमें आंदोलन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे असहयोग आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का कहना था – “हमें शासन-प्रशासन से ही उम्मीद होती है, लेकिन यदि वहीं से निराशा मिलेगी तो हम अपनी बात कहाँ रखें?”
इस मामले पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच करवाई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्रवाई के नाम पर ग्राम के आंगनबाड़ी और स्कूल बंद करवाना उचित नही है।


