महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जोर-शोर से चल रही है, लेकिन इसके बीच अवैध धान तस्करी और कालाबाजारी का धंधा अब हिंसक रूप लेने लगा है। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में 26 दिसंबर की रात एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, जहां अवैध धान परिवहन के दौरान हुए विवाद में देशी कट्टे से फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन अब तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना ग्राम दलदली मार्ग पर रात करीब 11 बजे की है। अवैध रूप से धान लेकर जा रहे वाहनों के बीच आपसी विवाद शुरू हुआ, जो गाली-गलौज में बदल गया। आरोप है कि क्षेत्र के एक प्रभावशाली जिला पंचायत सदस्य के पुत्र ने गुस्से में देशी कट्टा निकाला और फायरिंग कर दी। इस दौरान राजेश नामक युवक के दाहिने पैर में गोली लगी, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
घायल युवक को तत्काल भंवरपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज रायपुर में चल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद रात में ही दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया और मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि इस पूरे गोलीकांड में चंदन नामक कथित धान तस्कर की मुख्य भूमिका रही, जिसके कारण विवाद इतना बढ़ा। घटना की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
आमजन अब सवाल उठा रहे हैं – देशी कट्टे से फायरिंग, गोली लगने और गंभीर चोट के बावजूद थाने में रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज हुई? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला दबाया जा रहा है? पुलिस और प्रशासन की चुप्पी पर भी उंगलियां उठ रही हैं। धान तस्करी का यह धंधा अब जानलेवा खेल बनता जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खामोशी क्यों?
यह घटना जिले में धान तस्करी पर लगाम लगाने में प्रशासन की नाकामी को उजागर करती है। अब देखना यह है कि इतनी गंभीर वारदात पर पुलिस कब संज्ञान लेती है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करती है। क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है और न्याय की मांग तेज हो रही है।


