Thursday, 28 May 2026

सुपुर्द LPG गैस में 1.5 करोड़ का गबन, ठाकुर पेट्रोकेमिकल का खेल उजागर

महासमुंद। जिला पुलिस ने सुपुर्दनामे में दी गई एलपीजी गैस के बड़े गबन का खुलासा करते हुए करीब 90 से 100 मीट्रिक टन गैस कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए की हेराफेरी उजागर की है। मामले में अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल के संचालक, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सिंघोड़ा थाना में जब्त 6 एलपीजी कैप्सूल ट्रकों को 30 मार्च  को सुरक्षित रखरखाव के लिए सुपुर्द किया गया था। आरोप है कि सुपुर्दगी के बाद 31 मार्च से 6 अप्रैल के बीच सुनियोजित तरीके से सभी कैप्सूल से गैस निकालकर अवैध रूप से बेच दी गई।

आज पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने खुलासा करते हुए बताया  कि 31 मार्च को दो, 1 अप्रैल को एक, 3 अप्रैल को एक और 5 अप्रैल को दो कैप्सूल खाली किए गए। प्रत्येक कैप्सूल से औसतन 15 से 17 मीट्रिक टन गैस निकाली गई। कैप्सूल में लगे जीपीएस सिस्टम के आधार पर पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा स्पष्ट हुई है। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि अप्रैल माह में कंपनी ने मात्र 47 टन गैस खरीदी, जबकि 107 टन गैस की बिक्री दर्शाई गई। करीब 60 टन गैस बिना खरीदे ही बेची गई, जिससे गबन की पुष्टि होती है। इसके अलावा कच्चे बिल और रजिस्टर के माध्यम से भी अवैध बिक्री किए जाने के प्रमाण मिले हैं।

जांच में रायपुर की 8 एजेंसियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिन्होंने अवैध गैस खरीदकर उसे खपाने में मदद की। कुछ एजेंसियों ने कच्चे बिल पर 4 से 8 टन तक गैस खरीदी। सभी संबंधित एजेंसियों को जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस ने यह भी पाया कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के प्रयास किए। प्लांट के रजिस्टरों से छेड़छाड़ की गई और अप्रैल माह के कच्चे लेन-देन का रिकॉर्ड गायब किया गया। इसके आधार पर साक्ष्य नष्ट करने की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

सुपुर्दनामे के समय कैप्सूल का वजन नहीं कराया गया, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपियों ने पूरी योजना को अंजाम दिया। बाद में गैस खाली करने के बाद वजन कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। सिंघोड़ा से अभनपुर के बीच कई धर्मकांटे होने के बावजूद तौल नहीं कराया गया। विशेषज्ञ जांच में सभी कैप्सूल पूरी तरह सुरक्षित और लीकेज-फ्री पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में गैस का लीकेज होना संभव नहीं है, जिससे स्पष्ट है कि गैस को योजनाबद्ध तरीके से निकाला गया।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एलपीजी टैंकर, बुलेट टैंक, सैकड़ों गैस सिलेंडर, कंप्यूटर, डीवीआर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में निखिल वैष्णव 41 वर्ष, अभनपुर निवासी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य लोग फरार हैं। प्रकरण में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ईसी एक्ट 1955 और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।

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