Thursday, 28 May 2026

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बढ़ेगा महिलाओं का नेतृत्व, विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम_ रूपकुमारी चौधरी

महासमुंद। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने आज स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता आयोजित कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं को आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें नीति निर्माण की मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम है।

प्रेसवार्ता में सांसद ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलती है, जिससे समाज का समग्र विकास संभव होता है।

रूपकुमारी चौधरी ने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी हैं, वहीं मुद्रा योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के कारण महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है।

सांसद ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं के आरक्षण के सकारात्मक परिणाम पहले ही देखने को मिल चुके हैं, जहां महिला प्रतिनिधियों ने शिक्षा, पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बेहतर कार्य किया है। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं में भी देखने को मिलेगा, जिससे शासन अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनेगा।

प्रेसवार्ता के अंत में उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अधिनियम का समर्थन करें और देश के प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और यह अधिनियम उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

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