महासमुंद। जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही धान खरीदी में उपार्जन केंद्रों पर जाम और धान उठाव में कमी की समस्या को देखते हुए जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर ने राइस मिलर्स की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए और धान के तेज उठाव के लिए सभी एसडीएम व तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी।
महासमुंद जिले में 15 नवंबर से 182 उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है। जिले में 1 लाख 59 हजार से अधिक पंजीकृत किसान हैं और इस साल धान खरीदी का लक्ष्य करीब 12 लाख मीट्रिक टन के आसपास रखा गया है। लेकिन खरीदी शुरू होने के बाद उपार्जन केंद्रों पर लिमिट की कमी और धान के उठाव में देरी से किसानों को परेशानी हो रही थी। केंद्रों पर धान की ढेर लगने से जाम की स्थिति बन रही थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी।
महासमुंद टाइम्स ने विगत दिनों इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और जिला कलेक्टर का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तुरंत एक्शन लिया। कलेक्टर ने जिले के सभी राइस मिलर्स की बैठक बुलाई और धान के तेजी से उठाव के लिए दो सख्त हिदायतें दीं। साथ ही, धान उठाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी एसडीएम और तहसीलदारों को दिए गए, ताकि कहीं भी जाम की स्थिति न बने।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा अनुसार किसान का दाना-दाना धान खरीदा जाएगा और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब तक जिले में लक्ष्य का करीब 40 प्रतिशत धान खरीदी हो चुकी है, लेकिन बचे 27 दिनों में शेष खरीदी पूरी करने के लिए उठाव की रफ्तार बढ़ाना जरूरी था, जो अब इस कार्रवाई से संभव हो सकेगा।


