महासमुंद। जिले में आज दोपहर एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के दौरान राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त बढ़ गई जब जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमन चंद्राकर को उनके सहयोगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित पुलिस ने अचानक स्थानीय साहू टी इंस्टॉल के पास से हिरासत में ले लिया। युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमन चंद्राकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज दोपहर करीब 2 बजे जिला पुलिस ने उन्हें और उनके साथ मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को महासमुंद से जबरन उठाकर पटेवा थाना ले जाया गया, जहां उन्हें करीब दो घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया।
अमन चंद्राकर ने बताया कि यह कार्रवाई तब की गई जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया का महासमुंद आगमन प्रस्तावित था। उन्होंने कहा कि “सरकार की निकम्मी पुलिस ने भाजयुमो नेता के दौरे से पहले विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की है। पुलिस प्रशासन ने लोकतांत्रिक विरोध को रोकते हुए न केवल मुझे बल्कि प्रदेश महासचिव विराज चंद्राकर और जिला उपाध्यक्ष आकाश निषाद को भी नजरबंद कर लिया। यह कार्रवाई सरकार की कार्यशैली और प्रशासन की एकतरफा मानसिकता को उजागर करती है।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वे और उनके कार्यकर्ता पूरी तरह गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे। उनका उद्देश्य केवल यह बताना था कि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया पर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन पर अब तक पुलिस या प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बावजूद इसके, विरोध दर्ज कराने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकना और हिरासत में लेना लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार है।
अमन चंद्राकर ने कहा कि “हम केवल न्याय की मांग कर रहे थे और यह पूछना चाहते थे कि आखिर उन महिलाओं को न्याय कब मिलेगा, जिन्होंने साहस दिखाकर भाजपा के शीर्ष युवा नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मगर पुलिस ने हमें अपनी बात कहने से पहले ही रोक दिया। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार और पुलिस प्रशासन भाजयुमो की गुंडागर्दी और सत्ता के दुरुपयोग को खुला संरक्षण दे रही है। “आज प्रदेश भर में भाजपा के कुछ नेता खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं, और जब कोई युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाने निकलता है, तो उसे दबा दिया जाता है। यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही का उदाहरण है।
अमन चंद्राकर ने अंत में कहा कि “पुलिस हमारे हौसले को कमजोर नहीं कर सकती। महासमुंद युवा कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता अन्याय, भ्रष्टाचार और महिलाओं के सम्मान के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हम गांधीजी के सिद्धांतों पर अडिग रहकर हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। भले ही सरकार हमें कितनी भी बार रोकने की कोशिश करे, हम सत्य और न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।”
उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से भी अपील की है कि इस तरह की लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर संज्ञान लिया जाए और प्रशासन की भूमिका की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अलोकतांत्रिक कार्रवाइयों पर रोक लग सके।


