रायपुर, 21 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) को बड़ा झटका देते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की टाउनशिप को सप्लाई की गई बिजली पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि टाउनशिप क्षेत्र में दी जाने वाली बिजली व्यवसाय के क्रम या उसके संवर्धन से संबंधित नहीं है, बल्कि यह केवल कर्मचारियों को दी जाने वाली कल्याणकारी सुविधा है।
न्यायालय ने कहा कि ऐसी आपूर्ति को “व्यवसायिक उपयोग” की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता, इसलिए इस पर GST इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा अमान्य होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CGST नियमों में किए गए संशोधन को पूर्व प्रभाव (retrospective effect) से लागू नहीं किया जा सकता।
इस निर्णय के साथ ही यह सिद्ध हो गया कि कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों या आवासीय टाउनशिप को दी जाने वाली सेवाओं को गैर-व्यावसायिक उद्देश्य के रूप में मानी जाएगी, और उस पर ITC का लाभ नहीं मिलेगा।
विशेषज्ञों का मत: कर विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न केवल BALCO बल्कि उन सभी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है जो औद्योगिक टाउनशिप या कर्मचारी आवासीय क्षेत्रों में बिजली, पानी, या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। अब ऐसे मामलों में ITC क्लेम करना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
संक्षेप में: BALCO की अपील छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की। टाउनशिप को बिजली आपूर्ति “व्यवसायिक गतिविधि” नहीं मानी गई। ITC का लाभ नहीं मिलेगा।CGST नियमों में संशोधन को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। यह फैसला कॉर्पोरेट टैक्स नीति पर व्यापक असर डाल सकता है।


