महासमुंद। राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर कृषि महाविद्यालय, महासमुंद में एक दिवसीय कृषि यांत्रिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 25 किसानों ने सक्रिय भागीदारी की और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग एवं लाभों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. नायक, विभागाध्यक्ष, कृषि मशीनरी एवं शक्ति विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने अनुसूचित जाति के किसानों को अखिल भारतीय समन्वित परियोजना (FIM) के तहत कृषि उपकरणों का वितरण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक यंत्रों का उपयोग न केवल समय और श्रम की बचत करता है, बल्कि फसल उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि लाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ. अनुराग ने की। उन्होंने बदलते मौसम और कृषि मजदूरों की कमी के संदर्भ में कृषि यंत्रीकरण को खेती को लाभकारी बनाने की क्रांति बताया। डॉ. आदित्य सिरमौर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए किसानों में तकनीकी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा ट्रैक्टर जैसे आधुनिक यंत्रों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और ऐसे आयोजनों की सराहना करते हुए इसे अपने लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रगति सिंह ठाकुर ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर डॉ. पी. सी. चौरसिया, डॉ. निर्मला पटेल, डॉ. सुबोध, श्रीमती कोमल, डॉ. मुकेश सेठ, डॉ. ओकेश, डॉ. आदित्य शुक्ला, डॉ. शांता एवं डॉ. सुषमा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


