हिट एंड रन में घायल युवक की हालत नाजुक, पुलिस पर सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सनसनीखेज हिट एंड रन मामले में भाजपा विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के बेटे बलवंत सिंह उर्फ लक्की सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी को गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही जमानत मिल गई। घटना में गंभीर रूप से घायल बाइक सवार युवक त्रिभुवन ठाकुर की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
गौरतलब है कि घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक (सालासर चौक) के पास 5 जनवरी की देर रात करीब 1-2 बजे तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार त्रिभुवन ठाकुर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस जांच में पता चला कि कार खुद लक्की सिंह चला रहे थे। कार में उनके साथ दो युवक और दो युवतियां सवार थीं। हादसे के बाद अन्य सवार फरार हो गए, जबकि लक्की सिंह को बाद में हिरासत में लिया गया। घायल त्रिभुवन ठाकुर (34 वर्ष) एक डीजे हैं और उस रात कार्यक्रम से लौट रहे थे। उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस कार्रवाई और देरी पर सवाल
– पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 125(ए) (दूसरों की सुरक्षा खतरे में डालना) और 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत केस दर्ज किया। आरोपी की गिरफ्तारी 6 जनवरी को हुई और कोर्ट में पेश करने के बाद जमानत मिल गई, क्योंकि ये धाराएं जमानती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि हादसे के बाद आरोपी दो दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, जिस पर विपक्ष और आमजन सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और गवाहों के आधार पर कार्रवाई की गई। हालांकि, घटनास्थल के पास सीसीटीवी कैमरे हादसे से कुछ घंटे पहले खराब हो गए थे।
विपक्ष ने मामले को ‘वीआईपी कल्चर’ का उदाहरण बताया और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर आरोपी आम नागरिक होता तो इतनी जल्दी जमानत नहीं मिलती। भाजपा ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह मामला साधारण लापरवाही का है, न कि गंभीर हिट एंड रन (जहां मौत हो जाए)। मामले में अधिकतम कुछ वर्षों की कैद या जुर्माना। पुलिस अन्य सवारों की तलाश कर रही है।
पीड़ित परिवार की मांग है कि इंसाफ सबके लिए बराबर होना चाहिए। नाम बड़ा हो या छोटा, सजा एक जैसी हो। यह घटना राजधानी की सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जांच जारी है।


