Thursday, 28 May 2026

करही गोलीकांड,15 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, हाईटेक दावों पर उठे सवाल

जांजगीर-चांपा। बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में हुए बहुचर्चित गोलीकांड और आयुष कश्यप हत्याकांड को 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। जिस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था, वही मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और हाईटेक पुलिसिंग के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

23-24 अप्रैल की दरमियानी रात करही गांव में कांग्रेस नेता सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में 19 वर्षीय आयुष कश्यप की मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई आशुतोष कश्यप घायल हो गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

वारदात के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच शुरू करने का दावा किया। 35 पुलिस जवानों की टीम गठित की गई। हजारों CCTV फुटेज खंगाले गए, कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की गई और 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इसके बावजूद 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है।

मामले में पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। आयुष कश्यप के परिजन थाना से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, बिलासपुर रेंज आईजी कार्यालय और जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगा चुके हैं। परिवार ने बिलासपुर पहुंचकर आईजी रामगोपाल गर्ग से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

जांजगीर में कांग्रेस विधायक Byas Kashyap से भी परिवार ने मुलाकात कर न्याय की मांग की। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा सांसद Kamlesh Jangde ने भी प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

मृतक आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि हत्या के पीछे अवैध रेत कारोबार का विवाद है। उनका कहना है कि उन्होंने कुछ रसूखदार लोगों के नाम पुलिस को बताए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण गांव में चर्चा तेज है कि आखिर जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

इधर बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग द्वारा पदभार संभालने के बाद स्मार्ट पुलिसिंग, टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी और “त्रिनयन” व “सशक्त” जैसे ऐप के जरिए अपराध नियंत्रण के बड़े दावे किए गए थे। दावा किया गया था कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक तेजी से पहुंच बनाई जाएगी और पीड़ित सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे। लेकिन करही गोलीकांड में अब तक परिणाम नहीं आने से इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं।

कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज पुलिस आधुनिक तकनीकों से लैस है और यदि पुलिस चाहे तो अपराधियों को कहीं से भी पकड़ सकती है। इसके बावजूद 15 दिन बाद भी आरोपियों का गिरफ्त से बाहर होना गंभीर चिंता का विषय है।

भाजपा सांसद कमलेश जांगड़े ने भी कहा है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है। साथ ही जिले में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने की आवश्यकता भी बताई है।

घटना के बाद से आयुष कश्यप का परिवार गहरे सदमे में है। जिस घर में पहले खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। घायल आशुतोष अब भी उस रात के खौफ से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है। परिवार को डर है कि कहीं यह मामला भी लंबी जांच और फाइलों में दबकर न रह जाए।

करही गोलीकांड अब सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बन चुका है। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि पुलिस के पास आधुनिक तकनीक, संसाधन और बड़ी टीम मौजूद है, तो फिर आरोपी अब तक कानून की पकड़ से बाहर कैसे हैं। इलाके में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि यही घटना किसी रसूखदार परिवार के साथ हुई होती, तो क्या तब भी आरोपी इतने दिनों तक खुलेआम घूम रहे होते?

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