महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने राजस्व वसूली को तेज करने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। वाई.के. मनहर, अधीक्षण अभियंता, महासमुंद (वृत्त) के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने आज महासमुंद शहर जोन में बड़े पैमाने पर लाइन विच्छेदन (डिस्कनेक्शन) की कार्रवाई की।
इस अभियान का नेतृत्व कार्यपालन अभियंता पी.आर. वर्मा ने किया। टीम ने शहर जोन के उन 225 उपभोक्ताओं की बिजली काट दी, जिनका कुल बकाया राशि 26,45,123 रुपये था। इनमें प्रमुख रूप से प्रमोद मिश्रा, जानकी बाई सारथी, चंपा बाई, गिरजा बाई साहू, अभिराम गाड़ा सहित अन्य कई उपभोक्ता शामिल थे।
कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम तुरंत दिखा – विच्छेदन के बाद ही 30 उपभोक्ताओं ने आगे आकर कुल 3,60,696 रुपये का भुगतान कर दिया। विभाग के अधिकारी इसे एक अच्छी शुरुआत मान रहे हैं और बताया है कि राजस्व वसूली की यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी।
विभाग ने सख्त चेतावनी भी जारी की है – यदि कोई विच्छेदित उपभोक्ता अनधिकृत रूप से लाइन जोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों हो सकता है।
“उपभोक्ता असुविधा से बचना चाहते हैं तो हर महीने समय पर बिजली बिल का भुगतान करें। बकाया बिल जमा न करने से न सिर्फ बिजली कटती है, बल्कि विभाग को भी राजस्व की हानि होती है, जिसका असर बेहतर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है।” यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते बकाया बिलों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। विभाग का कहना है कि नियमित भुगतान करने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।


