एसपी सभाकक्ष में आईजी अमरेश मिश्रा ने किया खुलासा, एसपी प्रभात कुमार व टीम की खुलकर सराहना
महासमुंद। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स एवं कोमाखान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 950 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त कर दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई का औपचारिक खुलासा रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा (IPS) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद के सभाकक्ष में किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार (IPS) तथा पूरी जिला पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि महासमुंद पुलिस ने नशे के नेटवर्क पर जिस सटीकता और गंभीरता से प्रहार किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। ऐसे में महासमुंद पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई पूरे रेंज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने एसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशे के खिलाफ जो सख्त अभियान चलाया जा रहा है, उसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।
इस कार्रवाई में पुलिस ने गांजा परिवहन में प्रयुक्त सुनहरे-भूरे रंग की आईचर ट्रक क्रमांक MH 20 EG 3969 को भी जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन और नगद राशि भी बरामद की गई है। कुल मिलाकर जब्त संपत्ति का मूल्य 4 करोड़ 90 लाख 11 हजार रुपए आंका गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय भोरजे (26 वर्ष) निवासी अकोला देव, जिला जालना तथा सुभम आउटे (24 वर्ष) निवासी कुच्चरवट्टा जुना जालना, महाराष्ट्र शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध थाना कोमाखान में नारकोटिक एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
आईजी के अनुसार, इस प्रकरण में एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन के तहत फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक को चिन्हित करने के लिए विशेष टीमें रवाना की गई हैं, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जा सके। साथ ही वित्तीय जांच के माध्यम से इस अवैध कारोबार से जुड़े धन के प्रवाह पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विगत 15 दिनों में महासमुंद जिले में अब तक 1831.610 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 9 करोड़ 15 लाख 83 हजार रुपए है, जब्त किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिला पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी ताकत से मैदान में डटी हुई है। आईजी अमरेश मिश्रा ने अंत में कहा कि आने वाले समय में भी इसी तरह की सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके और समाज को इस अभिशाप से मुक्त किया जा सके।


