महासमुंद पुलिस व साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख से अधिक का माल जब्त
महासमुंद। जिले में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल के भंडारण और हेराफेरी के बड़े कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना महासमुंद पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम घोड़ारी स्थित एक फर्सी पत्थर फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे पेट्रोल और डीजल को जब्त किया गया है। इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम घोड़ारी स्थित बालाजी फर्सी फैक्ट्री के अंदर अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण कर उसकी हेराफेरी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फैक्ट्री में दबिश दी, जहां बड़ी मात्रा में ड्रम, सिनटेक्स टैंक और टैंकर में ज्वलनशील पदार्थ रखा हुआ मिला।
जांच के दौरान पुलिस ने मौके से 10,120 लीटर पेट्रोल और 37,580 लीटर डीजल सहित कुल 47,700 लीटर ज्वलनशील पदार्थ जब्त किया, जिसकी कुल कीमत 45 लाख 22 हजार 130 रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही दो पेट्रोल-डीजल टैंकर, ड्रम, पंप, पाइप, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मंदिर हसौद क्षेत्र से आने वाले टैंकरों से पेट्रोल-डीजल को फैक्ट्री के अंदर लाकर अवैध रूप से भंडारित किया जाता था। यहां से इसे कम कीमत पर खरीदकर अन्य ट्रक चालकों को अधिक दाम में बेचने का धंधा चल रहा था। फैक्ट्री की आड़ में यह अवैध कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था।
पुलिस ने इस मामले में राहुल यादव, ओमप्रकाश उर्फ कालिया, उमेश साहू, सुशांक च्वाईसी, शिवानंद चौबे, बिट्टू कुमार सिंह और महेश यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 287 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3(7) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पूरी कार्रवाई थाना महासमुंद पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध कारोबार के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


