महासमुंद। महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में बिजली बिल बकायादारों और अनधिकृत रूप से विद्युत उपयोग करने वालों के खिलाफ बिजली विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार 31 अक्टूबर को दोनों जिलों में गठित लगभग 26 जांच दलों ने कुल 213 विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान 59 उपभोक्ता अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए।
जांच के दौरान ऐसे मामले सामने आए, जिनमें बकाया बिजली बिल जमा किए बिना ही विच्छेदित कनेक्शनों को दोबारा जोड़ लिया गया था। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को बायपास कर तथा सीधे एलटी लाइन से बिजली का उपयोग किए जाने के मामले भी मिले। विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
विभागीय कार्रवाई के दौरान 39 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही कुल 13.51 लाख रुपये की बकाया राशि जमा की। वहीं 21 उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री बिजली समाधान योजना के तहत पंजीयन कराया और पंजीयन शुल्क भी मौके पर जमा किया। विभाग की इस कार्रवाई से बकाया वसूली के साथ अनधिकृत विद्युत उपयोग पर भी शिकंजा कसा गया।
यह विशेष जांच अभियान महासमुंद एवं गरियाबंद जिले के चार विद्युत संभागों महासमुंद, सरायपाली, पिथौरा और गरियाबंद में एक साथ चलाया गया। महासमुंद संभाग के महासमुंद शहर, कोसरंगी, भलेसर, कनेकेरा, परसकोल, मुढेना और घोडारी सहित आसपास के क्षेत्रों में जांच की गई। इसी तरह सरायपाली संभाग के एकेला, पीपलभूठ, बसना और बरौली क्षेत्रों में विच्छेदित कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया। पिथौरा संभाग के झलप, अंसुला, कुरमाडी, बोकुलडीही, सिरको और कुरसीपारा सहित विभिन्न गांवों में जांच दलों ने कार्रवाई की।वहीं गरियाबंद संभाग के अमलीपदर, मैनपुर और गौरापदर सहित अन्य क्षेत्रों में भी विद्युत कनेक्शनों की जांच की गई।
विद्युत विभाग द्वारा बकाया वसूली और अनधिकृत विद्युत उपयोग के विरुद्ध यह अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विच्छेदित कनेक्शन को बिना बकाया राशि जमा किए दोबारा जोड़ना, स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करना अथवा सीधे विद्युत लाइन से बिजली का उपयोग करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।


