महासमुंद।“हमारी मांगे पूरी करो”, “कर्मचारी कर्मचारी भाई-भाई”, “लेकर रहेंगे पाई-पाई”… जैसे नारों के साथ नगर पालिका के नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारी आज दूसरे दिन भी वेतन भुगतान की मांग को लेकर कार्यालय के सामने धरने पर डटे रहे।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने बताया कि नियमित कर्मचारियों का तीन माह और प्लेसमेंट कर्मचारियों का दो माह का वेतन लंबित है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मजबूर हो गए हैं।

मीडिया प्रभारी जितेंद्र महंती ने कहा कि कर्मचारियों के आंदोलन को समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक, नगर पालिका अध्यक्ष–उपाध्यक्ष, पार्षदों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है। समर्थन जताने वालों में टेकराम सेन (छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन), दिलीप तिवारी (तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ), दीपक तिवारी (स्वास्थ्य कर्मचारी संघ), अनिल कुमार (प्रांतीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ), निखिल कांत साहू (अध्यक्ष नगर पालिका), देवीचंद्र राठी (उपाध्यक्ष), पार्षद धनेंद्र चंद्राकर, विधायक प्रतिनिधि हाफिज कुरैशी, पप्पू ठाकुर और अमृत चोपड़ा शामिल रहे।
फेडरेशन के जिला संयोजक टेकराम सेन ने कहा कि समय पर वेतन न मिलने जैसी गंभीर समस्या को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान और पदोन्नति जैसी मांगों को प्रदेश स्तर पर उठाया गया है।
हड़ताली कर्मचारियों ने आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 सितंबर तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो 16 सितंबर से पानी, बिजली, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं ठप कर दी जाएंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि पालिका की वर्तमान आर्थिक स्थिति खराब नहीं है। पूर्व के शासकों की वजह से व्यवस्था गड़बड़ा गई थी, लेकिन अब वेतन भुगतान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
हड़ताल के चलते कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर की बुनियादी सुविधाएँ पूरी तरह ठप हो सकती हैं।


