सरायपाली पुलिस की कार्रवाई, 3229 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त; हरियाणा से लेकर रायगढ़-महासमुंद तक फैला था नेटवर्क
महासमुंद। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सरायपाली पुलिस ने नकली होलोग्राम और छत्तीसगढ़ स्टेट के फर्जी लेबल लगाकर शराब तस्करी करने वाले संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई में कंटेनर ट्रक, डस्टर कार और आरोपियों के कब्जे से कुल 3229 लीटर 860 मिलीलीटर अवैध अंग्रेजी शराब, जिसकी कीमत करीब 22 लाख 15 हजार 120 रुपये है, जब्त की गई है। मामले में अब तक आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के साथ बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त 2026 को सरायपाली पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के मामले में राजेश पटेल, अजित पटेल और अमित पटेल को पकड़ा था। आरोपियों के कब्जे से डस्टर कार क्रमांक CG 04 PS 3481 में 25 पेटियों में रखी 1192 पौव्वा गोवा अंग्रेजी शराब बरामद हुई। शराब की मात्रा 214 लीटर 560 मिलीलीटर और कीमत करीब 1 लाख 43 हजार 40 रुपये बताई गई।
पुलिस की जांच और आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर कंटेनर ट्रक क्रमांक HR-13-X-3220 की तलाशी ली गई। इसमें 345 पेटी गोवा अंग्रेजी शराब मिली। प्रत्येक पेटी में 48 पौव्वे और प्रत्येक पौव्वे में 180 मिलीलीटर शराब थी। कुल मात्रा 2980 लीटर 800 मिलीलीटर, जिसकी कीमत करीब 19 लाख 87 हजार 200 रुपये बताई गई है। इसके अलावा आरोपी अमित पटेल के कब्जे से अलग-अलग ब्रांड की 46 बोतलें, प्रत्येक 750 मिलीलीटर, कुल 34 लीटर 500 मिलीलीटर शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार इसकी कीमत करीब 84 हजार 880 रुपये है।

जांच के दौरान पुलिस को कथित शराब सिंडिकेट के तार रायगढ़ और हरियाणा तक जुड़े मिले। पुलिस के अनुसार आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर विनय सिंह ठाकुर, निवासी रायगढ़ और धीरज आहूजा, निवासी फरीदाबाद, हरियाणा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि धीरज आहूजा से जुड़े मामले में नकली होलोग्राम, लेबल, बोतल और शराब कंटेनर उपलब्ध कराने के संबंध में साक्ष्य मिले हैं। आबकारी विभाग की जांच में नकली होलोग्राम और लेबल की पुष्टि होने के बाद मामले में फर्जीवाड़े तथा संगठित अपराध से संबंधित बीएनएस की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक राजेश पटेल, अजित पटेल, अमित पटेल, विनय सिंह ठाकुर, धीरज आहूजा, आयुस महापात्र और स्वरूप सिंह सलूजा समेत कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की बात पुलिस ने कही थी। पुलिस के अनुसार 25 सितंबर को आयुस महापात्र और स्वरूप सिंह सलूजा की गिरफ्तारी भी की गई है। दोनों सरायपाली क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने शराब के अलावा तस्करी में इस्तेमाल वाहनों और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति में डस्टर कार करीब 3 लाख रुपये, कंटेनर ट्रक करीब 10 लाख रुपये, क्रेटा कार करीब 15 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन करीब 15 हजार रुपये शामिल हैं। पुलिस के अनुसार शराब सहित कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 50 लाख 30 हजार 120 रुपये है।
पुलिस की जांच में इस कथित अवैध शराब सिंडिकेट का बिक्री नेटवर्क महासमुंद, सारंगढ़, रायगढ़ और जांजगीर जिले तक फैला होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब शराब के वास्तविक स्रोत, परिवहन व्यवस्था, नकली होलोग्राम और लेबल की आपूर्ति तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।मामले में अपराध क्रमांक 264/2026 के तहत धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट तथा धारा 111(2), 338, 336(3), 340(4) बीएनएस के तहत विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और अवैध शराब के स्रोत का खुलासा हो सकता है।


