महासमुंद। भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री अमित साहू एवं भाजपा जिला अध्यक्ष येतराम साहू ने आपातकाल की 51वीं बरसी पर संयुक्त बयान जारी कर 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की धारा 352 का दुरुपयोग करते हुए देश में आपातकाल लागू किया था, जिसके कारण लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। उन्होंने कहा कि 21 माह तक चले आपातकाल के दौरान देश में भय और दमन का माहौल रहा।
अमित साहू एवं येतराम साहू ने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लाखों लोगों के मौलिक अधिकार निलंबित किए गए, समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगाई गई और विपक्षी नेताओं, पत्रकारों एवं लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर सबसे बड़ा आघात बताया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज, विचारों की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान है। भाजपा नेताओं ने कहा कि आपातकाल का दौर देश को यह संदेश देता है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहना जरूरी है।
उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नानाजी देशमुख सहित हजारों लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके त्याग और संघर्ष से देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना संभव हुई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। आपातकाल की 51वीं बरसी पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए उन्होंने देशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। “आपातकाल केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने का संदेश है।”


