Thursday, 28 May 2026

जमाना बना दुश्मन, समाज-जाति की दीवारें भारी पड़ीं, साथ जीने-मरने की कसम निभाते प्रेमी जोड़े ने दी जान

2-3 दिन पहले घर से हुए थे फरार, तालाब किनारे इमली के पेड़ पर दुपट्टा और गमछे से लगाई फांसी।

महासमुंद। साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले एक प्रेमी जोड़े की दर्दनाक कहानी आज रविवार सुबह उस समय सामने आई, जब भंवरपुर थाना क्षेत्र के मुड़ीपार गांव स्थित तालाब किनारे इमली के पेड़ पर दोनों के शव फांसी के फंदे पर झूलते मिले। यह घटना न केवल इलाके में सनसनी फैला गई, बल्कि समाज और जाति की उन दीवारों पर भी सवाल खड़े कर गई, जो आज भी कई जिंदगियों के बीच बंधन बनकर खड़ी हैं।

मृतकों की पहचान प्रिया नाग (उम्र लगभग 20-21 वर्ष), निवासी सालीया थाना भिलाईगढ़ और सूरज सेन (उम्र 28 वर्ष), निवासी मुड़ीपार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था, लेकिन परिवार और समाज इस रिश्ते के खिलाफ थे। विरोध, ताने और दबाव के बीच दोनों ने साथ निभाने की जिद ठानी और अंततः दुनिया को अलविदा कह दिया।

जानकारी के अनुसार, दोनों 2-3 दिन पहले अपने घरों से फरार हो गए थे। परिजन उनकी तलाश में जुटे थे, इसी बीच सारंगढ़ थाना क्षेत्र में युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। आज सुबह करीब 8:30 बजे ग्रामीणों ने तालाब किनारे इमली के पेड़ पर दोनों को फंदे से लटका देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवक-युवती ने दुपट्टा और गमछे के सहारे फांसी लगाई थी। प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विरोध को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर कब तक प्रेम करने वालों के रास्ते में समाज और जाति की दीवारें यूं ही खड़ी रहेंगी, और कब तक “जमाना” प्यार करने वालों का दुश्मन बनता रहेगा।

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