Saturday, 13 Jun 2026

आईपीएस डॉ. संतोष सिंह की किताब का दिल्ली में हुआ प्रकाशन

मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और डीजीपी को भेंट की प्रति

रायपुर। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी आईपीएस डॉ. संतोष सिंह की किताब “United Nations Peacebuilding Efforts” का प्रकाशन दिल्ली के प्रतिष्ठित मानक पब्लिकेशन द्वारा किया गया है। यह किताब संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण (Peace Building) के प्रयासों पर आधारित एक गहन शोध अध्ययन है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। किताब के प्रकाशन के बाद डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा डीजीपी अरुण देव गौतम को पुस्तक की प्रति भेंट की। डॉ. सिंह की यह पुस्तक शीत युद्ध के बाद बदलती वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा (Peacekeeping), शांति-स्थापना (Peacemaking) और शांति-निर्माण (Peacebuilding) प्रयासों की नीतियों और व्यवहारिक स्वरूप का विस्तृत विश्लेषण करती है।

उन्होंने अपने शोध में बताया है कि 21वीं सदी में स्थायी शांति के लिए केवल युद्धविराम पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज में शांति की संस्कृति स्थापित करना आवश्यक है। यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, विदेश नीति के विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। साथ ही, यह भारत के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में भी स्थाई शांति स्थापित करने की दिशा में नए विचार प्रस्तुत करती है।

भारत ने विश्व शांति के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है।1950 से अब तक भारत ने 49 संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भाग लिया है तथा लगभग दो लाख भारतीय शांतिसैनिकों ने विश्वभर में सेवा दी है। इस योगदान को ध्यान में रखते हुए, डॉ. सिंह की यह पुस्तक भारत के दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत तरीके से प्रस्तुत करती है।

डॉ. संतोष सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से डॉक्टरेट (PhD), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से एमफिल तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी से एमए (राजनीति शास्त्र) की उपाधि प्राप्त की है। एमफिल के दौरान उन्होंने “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी” विषय पर शोध-प्रबंध तैयार किया था। उनके कई शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए वैश्विक शांति पर शोध और लेखन अपने आप में प्रेरणादायक है। डॉ. सिंह की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है।

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