बलरामपुर/कुसमी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान एक 62 वर्षीय आदिवासी किसान की मौत के मामले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया (राज्य प्रशासनिक सेवा, 2019 बैच) और उनके तीन सहयोगियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है।
घटना की पूरी जानकारी के अनुसार, रविवार (15 फरवरी) की रात कोरंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव के निकट ग्रामीणों ने अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को रोका था। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम करुण डहरिया शासकीय वाहन में पहुंचे, लेकिन उनके साथ कोई आधिकारिक पुलिस टीम या राजस्व अमला नहीं था। आरोप है कि वे स्थानीय युवकों विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह (भाजपा नेता), मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव के साथ थे।
ग्रामीणों का दावा है कि एसडीएम और उनके साथियों ने खेत से लौट रहे तीन आदिवासी ग्रामीणों पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला किया। इस मारपीट में हंसपुर निवासी रामनरेश राम (उर्फ राम, 62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कुसमी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए और उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच, चश्मदीदों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कोरंधा थाने में मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 3(5) (सामूहिक अपराध) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मंगलवार शाम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को राजपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
करुण डहरिया का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2022 में गरियाबंद जिले में जनपद पंचायत सीईओ के पद पर रहते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उस समय बोरवेल खनन से जुड़े बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
घटना के बाद कुसमी और आसपास के इलाकों में तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने एसडीएम पर अवैध खनन में संलिप्तता और माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और बंद का ऐलान किया गया। कांग्रेस ने इसे ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ करार देते हुए पुतला दहन किया और न्यायिक जांच की मांग की। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए चार थानों की फोर्स तैनात की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है। पुलिस जांच जारी है, जिसमें ट्रक मालिक की संलिप्तता और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होने की उम्मीद है। यह घटना छत्तीसगढ़ में अवैध खनन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आगे की जांच से और तथ्य सामने आ सकते हैं।


