अगस्त में राशि मिलने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं, 22 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
महासमुंद। जिले में एस.आई.आर. डेटा रिचार्ज इंसेंटिव की 9 हजार रुपये प्रति बीएलओ की लंबित राशि को लेकर बीएलओ में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि उक्त राशि जिला निर्वाचन कार्यालय, महासमुंद को अगस्त माह में ही प्राप्त हो चुकी है, इसके बावजूद अब तक जिले के बीएलओ को भुगतान नहीं किया गया है।
बीएलओ का कहना है कि उन्होंने निर्वाचन संबंधी कार्यों के दौरान अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ किया है। इसके बावजूद शासन स्तर से राशि प्राप्त होने के बाद भी भुगतान में हो रही देरी समझ से परे है। इस मामले को लेकर निर्वाचन अधिकारी श्री बारले से लगभग एक माह पूर्व व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर लंबित राशि के भुगतान की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं होने से बीएलओ में असंतोष है।
बीएलओ का कहना है कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में संबंधित राशि का भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, जबकि महासमुंद जिले में भुगतान लंबित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब राशि जिला निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त हो चुकी है, तो फिर बीएलओ तक पहुंचने में इतना विलंब क्यों हो रहा है।
बीएलओ ने कलेक्टर महासमुंद एवं अनुविभागीय अधिकारी सुश्री अक्षा गुप्ता से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर लंबित राशि का भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह किसी प्रकार की अतिरिक्त मांग नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए कार्य के एवज में देय राशि है।
*22 सितंबर तक भुगतान नहीं तो कलेक्ट्रेट घेराव*
बीएलओ ने प्रशासन को स्पष्ट समय-सीमा देते हुए कहा है कि यदि 22 सितंबर तक एस.आई.आर. डेटा रिचार्ज इंसेंटिव की 9 हजार रुपये की लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो जिलेभर के बीएलओ एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर घेराव करेंगे। बीएलओ का कहना है कि यह कदम अपने लंबित भुगतान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के रूप में होगा।

बीएलओ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए भुगतान प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए और पात्र बीएलओ को उनकी लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बीएलओ का कहना है कि उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया है, अब प्रशासन उनकी देय राशि समय पर दिलाने की जिम्मेदारी निभाए।


