Thursday, 24 Sep 2026

कैसे बे”, “कैसे रे”, “साला”, “कुत्ता”, “निपटा दूंगा”, “जेल भेज दूंगा” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का करते हैं इस्तेमाल आरएमओ?

महासमुंद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंगासेर के आरएमओ संकेत चंद्राकर के खिलाफ स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि आरएमओ द्वारा बैठक एवं कार्यस्थल पर कर्मचारियों से कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे कर्मचारियों में मानसिक दबाव और भय का माहौल बना हुआ है।

शिकायत में कहा गया है कि आरएमओ संकेत चंद्राकर द्वारा बैठक के दौरान कर्मचारियों से कथित रूप से “कैसे बे”, “कैसे रे”, “साला”, “कुत्ता”, “निपटा दूंगा”, “जेल भेज दूंगा” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की भाषा से कार्यस्थल का वातावरण असहज और असुरक्षित महसूस होता है।

शिकायत के बाद व्हाट्सऐप ग्रुप में धमकी देने का आरोप

शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक मामले की शिकायत बीएमओ के पास किए जाने के बाद बीएमओ की ओर से स्पष्टीकरण के लिए आरएमओ संकेत चंद्राकर को पत्र दिया गया। इसके बाद कथित तौर पर आरएमओ ने आरएचसी के मोबाइल नंबर वाले समूह में कर्मचारियों को धमकाते हुए संदेश भेजे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि “तुम लोग मेरा क्या कर लोगे, मेरी ऊपर तक पहुंच है” और सभी कर्मचारियों को देख लेने की बात कही गई।

कर्मचारियों ने शिकायत में कहा है कि इस प्रकार के कथित व्यवहार से वे अपने कार्यक्षेत्र में डर के माहौल में काम कर रहे हैं, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित होने की आशंका है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच कराकर उन्हें भयमुक्त वातावरण में काम करने का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत पर क्या जांच एवं कार्रवाई करता है। आरएमओ संकेत चंद्राकर का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की दूसरी तरफ की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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