महासमुंद। जिला विपणन अधिकारी टिकेन्द्र राठौर की कार्यशैली को लेकर महासमुंद में विरोध तेज हो गया है। राइस मिलर्स एसोसिएशन से लेकर क्षेत्रीय विधायक तक अब उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुके हैं।
मिलर्स एसोसिएशन का आरोप
महासमुंद जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन की 21 अगस्त को हुई सामान्य सभा में राठौर पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं। बैठक में आरोप लगाया गया कि अधिकारी का व्यवहार अपमानजनक और अव्यावहारिक है। उनकी मंजूरी के अभाव में कार्य समय पर पूरे नहीं होते और वे अक्सर देर से कार्यालय पहुंचते हैं।
मिलर्स का कहना है कि जिले में विपणन से जुड़े काम अन्य जिलों की तुलना में लगातार देर से निपटाए जा रहे हैं और सभी मिलर्स के साथ समान व्यवहार न कर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि राठौर की मौजूदगी में कस्टम मिलिंग का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
विधायक की शिकायत
महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी 7 जून को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को पत्र लिखकर राठौर पर कई आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है और विभागीय वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने राठौर का स्थानांतरण महासमुंद से सूरजपुर या कबीरधाम करने की मांग की है।
विभाग ने जारी किया नोटिस
लगातार शिकायतों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मुख्यालय, नवा रायपुर ने 19 अगस्त को राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि विधायक द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप गंभीर हैं और सेवा-नियमों के विपरीत हैं। अधिकारी को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में मिलर्स और विधायक दोनों के विरोध के बीच विभागीय स्तर पर नोटिस जारी हो चुका है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार राठौर का स्थानांतरण करती है या फिर सीधे कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का रास्ता अपनाती है।


