महासमुंद। मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत मितानिनों, मितानिन प्रशिक्षकों, ब्लॉक समन्वयकों व हेल्पडेस्क फैसिलिटेटरों की प्रोक्तान राशि भुगतान को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश की 99% से अधिक मितानिनें अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी पत्र क्र. SECTION(NHM)/ 2162 ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। जारी आदेश में मितानिन प्रशिक्षकों के क्षतिपूर्ति भुगतान का सत्यापन “स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक” से कराने का निर्देश दिया गया है, जिस पर मितानिन संघ ने कड़ा आपत्ति जताई है।
मितानिन संघ के सवाल
1. स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक का चयन किस संस्था और किसके द्वारा किया गया?
2. चयन की प्रक्रिया और उद्देश्य क्या रहा?
3. यह पद कब से अस्तित्व में आया और क्या इसकी स्वीकृति राज्य शासन या केंद्र से ली गई है?
4. क्षतिपूर्ति भुगतान की अनुमति क्या वित्त विभाग से मिली है और भुगतान किस मद से किया जा रहा है?
5. अप्रैल 2025 से जुलाई 2025 तक इन समन्वयकों को किस आदेश के तहत भुगतान हुआ, उसकी प्रतिलिपि क्यों सार्वजनिक नहीं की गई?
संघ का कहना है कि मितानिन/मितानिन प्रशिक्षकों की क्षतिपूर्ति का सत्यापन ANM या BMO द्वारा किया जाए तो आपत्ति नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक नामक पद द्वारा सत्यापन कराना पूरी तरह से अनुचित है।
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने स्पष्ट कहा है कि NHM का यह आदेश निरस्त किया जाए और प्रशिक्षकों के भुगतान का सत्यापन जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा ही किया जाए। संघ ने इस संबंध में आयुक्त सह मिशन संचालक, उप संचालक (NHM), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद तथा सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रतिलिपि भेजते हुए मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।


