रायगढ़। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य भारत में फैले संगठित सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गोवा में दबिश देकर छह बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 की जांच के दौरान हवाला नेटवर्क और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े अहम सुराग मिले थे। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई, जिसमें रायगढ़, रायपुर, सक्ती, खरसिया और नागपुर से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में पता चला कि आरोपी गोवा के कैंडोलिम बीच क्षेत्र स्थित एक किराए के विला में बैठकर आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू को हिरासत में लिया। मौके से 10 मोबाइल फोन और कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए मैच का भाव लेकर APK बेस्ड एप्स के माध्यम से नेटवर्क में नीचे तक सट्टा संचालित करते थे। इसके अलावा “प्रगति टीवी” और “स्टार लाइव” जैसे एप्स के जरिए मैच का प्रसारण कुछ सेकंड पहले देखकर भाव तय किया जाता था। आरोपी “All Panel Exchange”, “Taj 777” और “Diamond Exchange” जैसी बेटिंग आईडी का इस्तेमाल कर ऑनलाइन जुआ चला रहे थे।
तकनीकी जांच में आरोपियों के तार मध्य भारत के चर्चित “मन्नू नथानी” सट्टा नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी बड़े खाईवालों से बेटिंग आईडी लेकर छोटे एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे और प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन प्राप्त करते थे। प्रारंभिक जांच में एक आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं।
पूछताछ में हवाला नेटवर्क का भी बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों के मोबाइल फोन में नोटों के सीरियल नंबर साझा कर रकम ट्रांसफर करने के सबूत मिले हैं। पुलिस इससे पहले इस मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी भी जब्त कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले से सट्टा और ऑनलाइन जुए से जुड़े मामलों में संलिप्त रहे हैं। अमित मित्तल के खिलाफ रायगढ़ जिले के विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं, जबकि मोहित सोमानी के खिलाफ रायपुर में कई अपराध दर्ज बताए जा रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई से संचालित नेटवर्क के माध्यम से बेटिंग आईडी महानगरों में बैठे खाईवालों को उपलब्ध कराई जाती थी, जिसे बाद में रायपुर, नागपुर और अन्य शहरों में सक्रिय एजेंटों के जरिए खिलाड़ियों तक पहुंचाया जाता था।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस ऑनलाइन सट्टा, हवाला नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक आधारित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


