रायपुर।39 लाख की ठगी के मास्टरमाइंड इमरान नवाब की अग्रिम जमानत याचिका खारिज; कोर्ट ने माना अपराध गंभीर
मौदहापारा पुलिस की 135 दिनों की सुस्ती के बाद अब कानून का शिकंजा कसा; पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज को न्याय की उम्मीद
रायपुर: राजधानी के मौदहापारा थाना क्षेत्र में 39 लाख रुपये की बड़ी ठगी के मुख्य आरोपी मोहम्मद इमरान नवाब को माननीय न्यायालय से तगड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका को IX अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Court No. 86) ने आज, 2 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद खारिज (REJECT) कर दिया है।
मामले का विवरण:
पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज ने आरोपी इमरान नवाब के खिलाफ धोखाधड़ी की विस्तृत शिकायत साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई थी। आरोप है कि इमरान नवाब ने सुनियोजित तरीके से मोहम्मद शाहनवाज से कुल 39 लाख रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता द्वारा तमाम सबूत साझा किए जाने के बावजूद, मौदहापारा पुलिस ने FIR दर्ज करने में 135 दिनों (साढ़े चार महीने) की संदिग्ध देरी की। पुलिस की इस सुस्ती ने आरोपी को साक्ष्य मिटाने और फरार होने का पर्याप्त समय दे दिया, जिससे न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
अंततः पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (अमानत में खयानत) और 506 (धमकाना) के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के डर से फरार आरोपी इमरान नवाब ने अपने अधिवक्ता एस. के. फरहान के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी (CNR No. CGRP010033452026)। आज हुई पहली सुनवाई में ही माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता और आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
अब पुलिस की कार्यक्षमता की परीक्षा
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मास्टरमाइंड इमरान नवाब पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। 135 दिनों की लंबी देरी के बाद अब यह देखना चुनौतीपूर्ण होगा कि मौदहापारा पुलिस कितनी तत्परता से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज की गाढ़ी कमाई (39 लाख रुपये) बरामद करवा पाती है।


