रायपुर। भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी गोविंद गुप्ता ने कचना-लाभांडी-सड्डू नगर विकास योजना में भूखंड आवंटन को लेकर लग रहे आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज किया है। उन्होंने कहा कि योजना में किसी एक व्यक्ति को लाभ देने के बजाय सभी प्रभावित भूमि स्वामियों के लिए समान नीति अपनाई गई है और टाउन प्लानिंग के मानकों का पारदर्शिता से पालन हुआ है।
गुप्ता ने बताया कि कचना की मूल भूमि के बदले सड्डू में भूखंड देने का दावा झूठा है। योजना का प्रारंभिक नोटिफिकेशन 5 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था और 11 सितंबर 2026 को प्रारूप नक्शा प्रकाशित किया गया। नक्शे के अनुसार कचना की मूल जमीन के बदले प्रस्तावित भूखंड कचना में ही रखा गया है और किसी का ग्राम परिवर्तन नहीं हुआ है।
45 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर अकेला प्लॉट नंबर 25 नहीं, बल्कि कुल 37 भूखंड प्रस्तावित और आवंटित हैं। नियमों के तहत बड़े भूखंडों को चौड़े मार्ग से ही जोड़ा जाता है।
दूरी के सवाल पर गुप्ता ने कहा कि खसरा नंबर 658/2 जैसी स्थिति अकेली नहीं है। खसरा नंबर 684/1, 684/5 और 681/1 की मूल जमीन के बदले प्रस्तावित प्लॉट नंबर 26 और 37 की दूरी इससे भी ज्यादा है। मूल जमीनों का पुनर्गठन सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया गया है। प्लॉट नंबर 26 की मूल भूमि पर एसटीपी और प्लॉट नंबर 30 की मूल भूमि पर सड़क व अन्य सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पूरे टाउन प्लान का निष्पक्ष अध्ययन किए बिना केवल एक भूखंड को अलग कर भ्रम फैला रहा है, जबकि सभी किसानों और भूमि स्वामियों पर एक समान मापदंड लागू हैं।


