Saturday, 7 Mar 2026

मानदेय कटौती को लेकर खड़ा हुआ बड़ा विवाद

सरायपाली। सरायपाली ब्लॉक के केदुवा आंगनबाड़ी सेक्टर में इन दिनों कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर के बीच मानदेय कटौती को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जुलाई से सितंबर तक का मानदेय लगभग 8 से 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काट दिया गया है। इस निर्णय से कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है और वे इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए सुपरवाइजर पर पक्षपात का आरोप लगा रही हैं।

सेक्टर की सुपरवाइजर वर्षा अग्रवाल का कहना है कि “आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बार-बार समझाइश, चेतावनी और यहां तक कि नोटिस देने के बाद भी उन्होंने हितग्राहियों का केवाईसी (FRS) समय पर पूरा नहीं किया। यह गंभीर लापरवाही है। शासन का काम समय पर होना चाहिए, इसलिए संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका गया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कार्यकर्ता जल्द से जल्द लंबित केवाईसी कार्य पूरा कर लें तो कटे हुए मानदेय को वापस कर दिया जाएगा।

दूसरी ओर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वास्तविकता जमीनी स्तर पर बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि गांवों में नेटवर्क की समस्या हमेशा बनी रहती है, जिस कारण पोषण ट्रैकर में केवाईसी कर पाना संभव नहीं हो पाता। कम मानदेय की वजह से कार्यकर्ता महंगे स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे ऑनलाइन काम करने में बड़ी दिक्कत आती है।कई हितग्राही केंद्र पर केवाईसी के लिए आते ही नहीं हैं, घर जाने पर भी मुलाकात नहीं हो पाती। ऐसे में महीनों तक प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।

जिला मुख्यालय से यह आदेश है कि केवाईसी अधूरा होने पर भी हितग्राहियों को लाभ से वंचित न किया जाए, लेकिन इसके बावजूद सुपरवाइजर ने मानदेय काटने का कदम उठा लिया। कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “मानदेय वैसे ही बहुत कम है, ऊपर से अनुचित कटौती हमारी आर्थिक स्थिति और खराब कर रही है।” उन्होंने सुपरवाइजर पर ‘अपने नियम लागू करने’ और ‘कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय करने’ का गंभीर आरोप लगाया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि कई बार हितग्राहियों का केवाईसी न हो पाने पर उन्हें राशन वितरण से वंचित रहना पड़ता है, जिससे वे शिकायत लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं। ऐसे में सारी जवाबदेही और दबाव कार्यकर्ताओं पर डाल दिया जाता है।

सरायपाली ब्लॉक के इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तकनीकी दिक्कतों और संसाधनों की कमी का बोझ हमेशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर ही डाला जाएगा? कम मानदेय में भी गांव-गांव जाकर हितग्राहियों तक योजनाओं को पहुंचाने वाली ये महिलाएं, आज खुद अपने हक के लिए संघर्ष कर रही हैं।

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/ihrkiamy/public_html/wp-content/plugins/gspeech/includes/gspeech_frontend.php on line 545