महासमुंद। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने आखिरकार हत्या का रूप ले लिया। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
5 साल पुरानी दुश्मनी बनी खौफनाक अंजाम का कारण
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अमन अग्रवाल के मन में मृतक जितेंद्र चंद्राकर के प्रति पुरानी दुश्मनी थी। करीब 5 साल पहले गांव की जमीन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके दौरान जितेंद्र चंद्राकर ने अमन को सबके सामने थप्पड़ जड़ दिया था। उसी अपमान का बदला लेने की ठानकर अमन लगातार मौके की तलाश में था। कई बार कोशिश के बावजूद वह सफल नहीं हो पाया।
प्लान बनाकर दिया घटना को अंजाम घटना वाले दिन अमन अग्रवाल अपने साथी वीरेंद्र विश्वकर्मा के साथ दिनभर जितेंद्र चंद्राकर की तलाश करता रहा। शाम करीब 7.30 बजे जितेंद्र अपने दोस्त अशोक साहू के साथ स्कूटी से ग्राम बेलसोढा जा रहे थे। तभी खरोरा और साराडीह के बीच नेशनल हाईवे-353 पर अमन अग्रवाल ने अपनी कार (सीजी 04 Q 5836) से पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। दोनों घायल हुए लेकिन अमन ने वहीं नहीं रोका, उसने कार चढ़ाकर जितेंद्र चंद्राकर की मौके पर ही हत्या कर दी। अशोक साहू गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पता रहा।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश हत्या के बाद अमन अग्रवाल और उसका साथी वीरेंद्र विश्वकर्मा सीधे थाने पहुंचे और पूरी घटना को सड़क हादसा बताने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं पाप छिपाए नहीं छिपता। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा मौके पर पहुंचे और इस घटना को हत्या करार देते हुए तत्काल जांच की मांग की।
पुलिस पूछताछ में खुला राज सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की और आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार अमन अग्रवाल ने पूरी कहानी बयां कर दी। उसने बताया कि इस साजिश में उसका दोस्त वीरेंद्र विश्वकर्मा भी शामिल था, जबकि तीसरा आरोपी अजीत बघेल पूरे घटनाक्रम की जानकारी होते हुए भी अपराध को छिपाने का काम कर रहा था।
तीनों पर हत्या का मामला दर्ज पुलिस ने तीनों आरोपियों – अमन अग्रवाल, वीरेंद्र विश्वकर्मा और अजीत बघेल को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है।


