महासमुंद। शहर से लगे ग्राम खरोरा और ग्राम पंचायत साराडीह के बीच स्थित नेशनल हाईवे क्रमांक 353 के किनारे नियम-कानून को ताक पर रखकर निर्मित “शगुन मैरिज प्लेस” इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां रोजाना विवाह, जन्मदिन और पार्टी समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी वजह से हाईवे पर दिन-रात जाम की स्थिति बन रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाह स्थल में आयोजनों के दौरान वाहनों की लंबी कतारें हाईवे पर खड़ी रहती हैं, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नेशनल हाईवे के किनारे बने इस परिसर में ना तो पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है, ना ही एंट्री-एग्जिट लेन के लिए अनुमति प्राप्त की गई है। नतीजा यह है कि हर आयोजन के समय सड़क जाम, अव्यवस्था और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 की धारा 26A और नियम 2003 (Control of Access to Highways) के तहत किसी भी व्यावसायिक निर्माण (जैसे होटल, ढाबा, वेडिंग हॉल, पेट्रोल पंप आदि) को हाईवे की सीमा रेखा से कम से कम 100 मीटर दूर स्थापित करना अनिवार्य है। इसके अलावा, किसी भी एंट्री या एग्जिट प्वाइंट के लिए NHAI से पूर्वानुमति (Access Permission) आवश्यक है। बिना अनुमति बनाई गई संरचनाएँ अवैध निर्माण की श्रेणी में आती हैं और धारा 27(2) के अंतर्गत हटाने या सील करने की कार्यवाही की जा सकती है।
हाईवे 353 पर भारी वाहनों, बसों और ट्रकों की लगातार आवाजाही होती है। ऐसे में विवाह समारोहों के दौरान सड़कों पर वाहनों की भीड़ और लोगों की आवाजाही कभी भी बड़ा हादसा करा सकती है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और एनएचएआई अधिकारी इस निर्माण को देखकर भी आंख मूंदे हुए हैं, जबकि इस अवैध निर्माण से न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि यह मानव जीवन के लिए खतरा बन गया है।
पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक इस विवाह स्थल के निर्माण के संबंध में ना कोई सार्वजनिक स्वीकृति आदेश जारी हुआ है, ना ही सेफ्टी क्लियरेंस। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह लैंड हाईवे से 60 मीटर से कम दूरी पर है, तो यह सीधे NHAI की अधिसूचना (Rule 2003, Sub-section 4) का उल्लंघन है। इस स्थिति में NHAI या जिला प्रशासन को “Removal of Encroachment and Obstruction” की कार्यवाही करनी चाहिए।
ग्राम खरोरा और साराडीह और बेलसोढा के कई ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले को संज्ञान में लेकर ऐसे मैरिज प्लेस पर तत्काल कार्रवाई करें। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि इस अवैध मैरिज प्लेस पर रोक नहीं लगाई गई तो वे जिला कलेक्टर और एनएचएआई मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।


