Saturday, 8 Aug 2026

राज्य से बाहर काम करने जाने वाले मजदूरों को अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया जा रहा जागरूक

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, हेल्पलाइन नंबर भी किए सार्वजनिक

महासमुंद। रोज़गार की तलाश में बड़ी संख्या में श्रमिक दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक विस्तृत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जारी सूचना पत्रक में श्रमिकों को बाहर जाने से पहले आवश्यक सावधानियां बरतने, अपने अधिकारों की जानकारी रखने तथा किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई है।

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी राज्य में काम के लिए जाने से पहले श्रमिकों को संबंधित ठेकेदार का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखकर रखना चाहिए। इसके अलावा काम का प्रकार, वेतन, कार्य अवधि और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी पहले ही प्राप्त कर लेनी चाहिए। श्रमिकों से यह भी कहा गया है कि वे अपने परिवार को यह अवश्य बताएं कि वे किस स्थान पर और किस कार्य के लिए जा रहे हैं। साथ ही ग्राम पंचायत अथवा स्थानीय थाना में भी इसकी सूचना देना उपयोगी माना गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक ठेकेदार का पंजीकरण अनिवार्य है तथा श्रमिकों का पंजीकरण और पहचान पत्र उपलब्ध कराना भी नियोजक की जिम्मेदारी है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता का लाभ मिल सके।

सूचना पत्रक में श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, तय कार्य घंटे, नियमित वेतन भुगतान, ओवरटाइम का अलग भुगतान तथा साप्ताहिक अवकाश जैसी सुविधाओं को उनका अधिकार बताया गया है। इसके अलावा कार्य के दौरान रहने की उचित व्यवस्था, बीमारी की स्थिति में चिकित्सा सुविधा तथा दुर्घटना होने पर इलाज और मुआवजे की जिम्मेदारी भी नियोजक की बताई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी श्रमिक से जबरन काम कराना कानूनन अपराध है।

यदि किसी श्रमिक को कम वेतन, जबरन मजदूरी, मारपीट, बंधुआ मजदूरी या किसी अन्य प्रकार के शोषण का सामना करना पड़ता है तो उसे तुरंत पुलिस स्टेशन या श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। बाहर राज्य में परेशानी होने पर संबंधित राज्य के श्रम अधिकारियों से संपर्क करने और मोबाइल में अपनी लोकेशन व महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने की भी अपील की गई है।

प्रशासन ने श्रमिकों की सहायता के लिए श्रम विभाग हेल्पलाइन 155368, राष्ट्रीय श्रमिक हेल्पलाइन 14434 तथा पुलिस कंट्रोल रूम महासमुंद का हेल्पलाइन नंबर 94791-92399 जारी किया है। अधिकारियों ने कहा है कि जागरूकता ही श्रमिकों की सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि श्रमिक अपने अधिकारों की जानकारी रखेंगे और आवश्यक सावधानियां अपनाएंगे, तो वे सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक कार्य कर सकेंगे तथा किसी भी प्रकार के शोषण से बच सकेंगे।

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