Wednesday, 30 Sep 2026

फसल गिरदावरी के पीवीएपी सत्यापन का कृषि अधिकारियों ने किया बहिष्कार

राजस्व विभाग के कार्य को कृषि अधिकारियों पर डालने का आरोप, जबरन कराने पर हड़ताल की चेतावनी

महासमुंद। वर्ष 2026-27 के लिए फसल गिरदावरी के तहत पीवीएपी (फसल भौतिक सत्यापन) कार्य को लेकर छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने विरोध जताया है। संघ ने कलेक्टर महासमुंद को पत्र सौंपकर पीवीएपी के माध्यम से फसल गिरदावरी के सत्यापन कार्य का पूर्ण बहिष्कार करने की जानकारी दी है।

संघ के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा पटवारियों के माध्यम से पीवीएपी के जरिए फसल सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। संघ ने 21 और 22 सितंबर को इस कार्य का पूर्ण बहिष्कार किए जाने की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में यह कार्य कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (RAEO) के माध्यम से कराया जाना प्रस्तावित है, जो उचित नहीं है।

संघ का तर्क है कि फसल गिरदावरी राजस्व विभाग से संबंधित कार्य है। RAEO के पास राजस्व अभिलेख, खसरा नंबर और संबंधित भूमि की वास्तविक जानकारी उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में खसरा क्षेत्र की पहचान कर भौतिक सत्यापन करना उनके लिए व्यवहारिक कठिनाई वाला कार्य है।

संघ ने यह भी बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों पर पहले से ही फसल परिवर्तन, पीएम किसान, जीटी सर्वे, फसल पंजीयन, एग्रीस्टैक, कृषि मैपर, फसल बीमा किसान सर्वे और विभागीय प्रदर्शन सहित कई कार्यों की जिम्मेदारी है। पत्र के अनुसार कई विकासखंडों में RAEO के पद भी कम हैं और एक अधिकारी को तीन से चार अतिरिक्त क्षेत्रों का काम देखना पड़ रहा है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि पीवीएपी का कार्य दबावपूर्वक कराया गया तो जिले के सभी RAEO विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!