महासमुंद। खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी राजगोंड समाज, सुवरमाल राज हाथीबाहरा के तत्वावधान में बुढ़ादेव मंदिर प्रांगण में नावाखाई जोहार भेंट-मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इसमें सातों सर्कल के राजगोंड समाज परिवारों के साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और समाज के प्रमुखजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत बागबाहरा के अध्यक्ष केशव नायकराम चन्द्राकर रहे। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भिखामसिंह ठाकुर और जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार मौजूद रहे। अध्यक्षता आदिवासी राजगोंड समाज सुवरमाल राज के अध्यक्ष तुलाराम ठाकुर ने की। विशिष्ट अतिथियों में मधुलिका गणेश चन्द्राकर, भूमिका रामलाल सिन्हा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.एल. मंडावी, खुबचंद वर्मा, पूर्व सरपंच रिंकू चन्द्राकर और बाघामुंडा के सरपंच एडीसन ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।समारोह में समाजजनों ने एक-दूसरे को नावाखाई जोहार की शुभकामनाएँ दीं। पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक भाईचारे और आपसी एकता का संदेश देते हुए समाज की परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान रहा। कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के साथ नवोदय, एकलव्य और प्रयास जैसी संस्थाओं में चयनित बच्चों को सम्मानित किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने और समाज व क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष दशोदा बाई सोरी, सचिव किरन नेताम, उपाध्यक्ष टंकेश्वरी मरकाम, समाज के सचिव रामचरन मरकाम, सहसचिव केवल नेताम, बुढ़ादेव मंदिर के पुजारी रामसाय ओटी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।अंत में आयोजक आदिवासी राजगोंड समाज सुवरमाल राज, हाथीबाहरा की ओर से सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और समस्त समाज परिवार का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन राजगोंड समाज की एकता, सामाजिक समरसता, गौरवशाली संस्कृति और शिक्षा के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दे गया।


