कोर्ट के आदेश पर मणिपुर थाने में केस दर्ज, 1.32 करोड़ के कार्य स्वीकृत थे, 48.36 लाख का भुगतान, मौके पर नहीं मिला कोई निर्माण
अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के केशवपुर स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर मणिपुर थाने में तत्कालीन जनपद पंचायत अम्बिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला अम्बिकापुर के वार्ड 21, संजय पार्क निवासी अभय नारायण पाण्डेय के परिवाद पर दर्ज हुआ। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के न्यायाधीश गुलापन राम यादव ने 8 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी मणिपुर को प्रकरण दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना का आदेश दिया था। इसके पालन में पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 180/2026 दर्ज किया।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (कूटरचना), 201 (साक्ष्य छिपाना), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (समान आशय) के तहत मामला दर्ज किया है। विवरण के अनुसार DMF मद से विद्यालय परिसर में तीन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। इनमें गार्डन सौंदर्यीकरण व सीसी रोड के लिए 33.24 लाख, प्रधान पाठक कक्ष प्रसाधन व बाउंड्रीवॉल के लिए 49.57 लाख तथा प्रवेश द्वार व पार्किंग शेड के लिए 49.52 लाख रुपये शामिल हैं।
आरोप है कि जेम (GeM) पोर्टल पर फर्जी आईडी बनाई गई और बिना प्रशासकीय स्वीकृति व नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के फर्जी बिल-वाउचर तथा कूटरचित मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के पक्ष में 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का आरटीजीएस भुगतान कर दिया गया। मामले की भनक लगने पर कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को मौके का भौतिक सत्यापन किया। जांच में स्वीकृत कार्यों का कोई निर्माण धरातल पर नहीं मिला। रिपोर्ट में पूरे प्रकरण को सुनियोजित फर्जीवाड़ा बताया गया।
पुलिस ने लोक सेवकों और निजी ठेकेदारों की मिलीभगत मानते हुए 9 को नामजद किया है। इनमें तत्कालीन जनपद CEO सुरेश्वर नाथ तिवारी, विवेक प्रताप सिंह राठौर, उपेन्द्र सिंह सेंगर, शैलेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश यादव, इम्तियाज सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स (फर्म) शामिल हैं। प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया है कि आरोपियों ने आपसी सांठगांठ और षड्यंत्र के तहत शासकीय राशि का आहरण कर निजी लाभ के लिए बंदरबांट की, जिससे शासन को वित्तीय क्षति हुई। मणिपुर पुलिस ने विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है और अन्य दस्तावेजों तथा संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।


