Friday, 29 May 2026

राज्यसभा में रविदास समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग, राष्ट्रीय नेताओं को भेजा गया पत्र

महासमुंद। शिरोमणी श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ छत्तीसगढ़ ने राज्यसभा में रविदास समाज (अनुसूचित जाति वर्ग) को प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन की ओर से आगामी राज्यसभा निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व को पत्र भेजा गया है।

 

संगठन द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी रविदास समाज को राज्यसभा सहित उच्च राजनीतिक मंचों पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। महापीठ ने मांग की है कि आगामी राज्यसभा चुनाव या मनोनयन प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ से रविदास समाज के किसी योग्य प्रतिनिधि को अवसर दिया जाए। महापीठ ने अपने पत्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित अन्य नेताओं से सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई है।

 

संगठन के अनुसार छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित 10 विधानसभा सीटों एवं एक लोकसभा सीट में वर्तमान में रविदास समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है, जबकि समाज की आबादी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय है। प्रदेश प्रवक्ता बुद्धेश्वर सोनवानी ने बताया कि संत रविदास के अनुयायी  चमार, मेहर, मोची, अहिरवार, सूर्यवंशी, जाटव और सरगुजिया समाज  की बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद उन्हें राजनीतिक भागीदारी से वंचित रहना पड़ रहा है।

महापीठ ने कहा कि राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने से सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलेगा, जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों के उन्मूलन में मदद मिलेगी तथा समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। संगठन ने सभी राजनीतिक दलों से सामाजिक समावेशन और समान अवसर की भावना के तहत मांग पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।

Share This Article

- Advertisement -

error: Content is protected !!